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चुनार मिर्जापुर: लकड़ी बीनने गई महिला को जंगली जानवरों ने नोच खाया, हुई मौत- IBN 24x7


लकड़ी बीनने गई महिला को जंगली जानवरों ने नोच खाया, हुई मौत

Photo- Corpse of Women-courtesy-IBN 24x7

अहरौरा थाना अन्तर्गत ग्राम बेलखरा है। यहाँ की रहने वाली विधवा, गरीब महिला चमेली देवी पत्नी स्व रामवृक्ष उम्र लगभग 55 वर्ष की थी जो आजीविका और खाना पकाने के लिए सूखी लड़कियों को इकट्ठा करने के लिए जंगलों की खाक छानती थी।सोमवार को सुबह वह जंगली सूखी लकड़ियों की तलाश में जंगल गयी लेकिन रात होने पर भी वह घर नहीं लौटी। परिजनों और ग्रामीणों को उसकी चिंता हुई और उसे ढूंढने के लिए जंगल में रात्रि आठ बजे चल दिये। ढूंढते – ढूंढते लगभग दो घंटे पदयात्रा करते कविशा पहाड़ी पर पहुंचे। तब तक रात्रि के दस बज चुके थे। वहाँ पर चमेली के क्षत विक्षत शव उन्हें मिला जिसको जंगली जानवरों ने नोंच खाया था।उसके घूटने के नीचे एक पैर और सिर के एक हिस्से नदारत थे।

मृतक महिला के शव को गांव किसी तरह से रात्रि में ग्रामीणों द्वारा लाया गया। सुबह कंबल में लिपटा हुआ महिला का शव अहरौरा थाने पर ले आये जिसे पोस्टमार्टम के लिए चुनार स्थित शव विच्छेदन गृह भेज दिया गया है। अहरौरा पुलिस विधि सम्मत कार्यवाही में जुट गयी है।
उज्ज्वला योजना के बाद भी आजीविका, गरीब महिलाओं के लिए सामाजिक चिन्तन बिन्दु बन गया है क्योंकि जंगल में सूखी लड़कियों के सहारे आज भी सैकड़ों परिवार चलते हैं। सुकृत और अहरौरा पहाड़ी क्षेत्रों में खनन में हो रहे विस्फोट से जंगल भी सीमित हो गया है। इसी छोटे क्षेत्र में जंगली जानवर संगठित गिरोह के रूप में अपना शिकार ढूंढते हैं जो आज मानव जाति पर खतरा भी बना हुआ है । इसके पहले भी तेंदुआ का प्रवेश सोनपुर गांव में हो चुका है। ममनियां गांव में सियारों का हमला अभी अहरौरा नहीं भूला है। इस गरीब का मौत भी एक सबब है बशर्ते वन विभाग और पर्यटन विभाग इस पर अपनी कार्ययोजना तैयार करें।

परिजनों में जहाँ मातम का दौर है। वहीं दूसरी ओर डर के मारे जंगल आधारित गरीब मानवीय जीवन सकते में हैं क्योंकि एक तरफ भूख है तो दूसरी ओर अचानक जानवरों के द्वारा आक्रमण का खतरा है।

स्रोत- http://www.ibn24x7news.com/?p=14125

Tags: Man Animal Conflict

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