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जे० पी०  सीमेंट को हरी झंडी ; वन विभाग को मिलेगी वनीकरण हेतु गैर वनभूमि - यु०पी० कैबिनेट


 

सांकेतिक फोटो : मिर्ज़ापुर जंगल

उत्तर प्रदेश  के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में 22 अक्टूबर 2019 को संपन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निर्णय लिया गया की जनपद सोनभद्र स्थित जे० पी०  सीमेंट फैक्टरी के खनन क्षेत्र से आच्छादित वन भूमि के बदले मा० राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के आदेशों के अनुपालन में सीमेंट फैक्टरी हेतु खनन की अनुमति के लिए वनीकरण हेतु गैर वनभूमि (568.178 हे०) दिये जाने सम्बन्धी अधिसूचना दिनांक 10 मई, 2018 व 08 मार्च, 2019 को निरस्त कर संसोधित रूप से 470.304 हे० गैर वनभूमि वनीकरण हेतु वन विभाग को दिये जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है| 

 

इस सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 (यथासंसोधित 2016) की धारा- 59(4) के अन्तर्गत जनपद - मीरजापुर के सदर, चुनार, मड़िहान एवं लालगंज तहसील की गैर वनभूमि पुनर्ग्रहीत कर वनीकरण हेतु वन विभाग को दिये जाने का प्रस्ताव है|

उक्त भूमि के सापेक्ष भूमि के मूल्य का चार गुना तथा मूल्य के अतिरिक्त मालगुजारी के 150 गुने के बराबर पंजीकृत मूल्य/वार्षिक किराया तथा वृक्षारोपण एवं उसके 10 वर्ष तक अनुरक्षण पर आने वाला व्यय जे० पी० एसोसिएट्स द्वारा वहन किया जायेगा | इसके उपरांत उक्त सीमेंट फैक्टरी के वर्तमान स्वामी अल्ट्राटेक सीमेंट द्वारा उत्पादन प्रारम्भ किया जा सकेगा| इस सीमेंट फैक्टरी यूनिट के संचालन से प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष कर के रूप में सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी, वहीं हजारों की संख्या में युवाओं के लिए रोजगार सृजन की भी सम्भावना है | 

स्रोत : http://information.up.nic.in/attachments/files/5daef044-5920-4843-87b3-70d20af72573.pdf  

Tags: National Green Tribunal, Uttar Pradesh, mining, cement

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