साधारण नाम : चिंकारा / Indian Gazelles
वैज्ञानिक नाम : Gazella bennettii
भौगोलिक सीमा : भारत, ईरान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान
आवास : शुष्क पर्णपाती वन, सवाना, शुष्क क्षेत्र जैसे रेत के टीले, अर्ध-शुष्क रेगिस्तान और शुष्क घाटियाँ जिनमें वार्षिक वर्षा 150 से 750 मिमी तक होती है।
भौतिक विशेषताएं / पहचान :
- लंबाई – 0.9 से 2 मीटर
- ऊंचाई – 0.6 से 0.8 मीटर
- वजन – 20 से 25 किलोग्राम
- इसके फ़र का रंग रेतीले पीले और लाल रंग का होता है।
- इसके पेट के क्षेत्र का रंग हल्का सफेद होता है।
- इसके फ़र का रंग हर मौसम में बदलता रहता है।
- मादा चिंकारा के सींग की औसत लंबाई 184.7 मिमी है।
- नर चिंकारा के सींग की औसत लंबाई 256.6 मिमी है।
- चिंकारा की अधिकतम रफ्तार 50-60 किलोमीटर प्रति घंटा होता है।

चिंकारा (फोटो: विंध्य बचाओ)
भोजन की आदत :
- भारतीय चिंकारा घूम घूम कर दाल और घास चरते हैं।
- इनके आहार में घास, पत्ते वाले फसल और कद्दू और तरबूज भी शामिल रहता है।
- वह अपने पानी का अधिकांश हिस्सा वनस्पति खाकर प्राप्त करता है।
प्रजनन :
- चिंकारा एक बार में 1 से 3 (ज्यादातर 2) बच्चे जन्म देते हैं।
- बच्चे 2 माह के बाद ही माँ का दूध पीना छोड़ देते हैं।
जीवनकाल :
- चिंकारा को अब तक सबसे अधिक 12.3 वर्ष तक जीवित रहते हुए पाया गया है।
व्यवहार :
- भारतीय चिंकारा तेज और फुर्तीली होती हैं तथा छोटे समूह में रहना पसंद करते हैं।
- वे मनुष्यों से डरकर कृषि और अन्य मानवीय गतिविधियों से दूरी बनाए रखते हैं।
- खतरा महसूस होने पर वे अपने आगे के पैरों को जमीन पर चिपका कर नाक से छींक जैसी फुफकार का निकलती है इसलिए इन्हे चिंकारा (छींकदार) नाम दिया गया है।
- चिंकारा को रात में भोजन करने की आदतें होती हैं।
- वे सूर्यास्त के पहले से रात भर सक्रिय रहते हैं।
- वे पानी के बिना लंबे समय तक रहने में सक्षम होते हैं।
पारिस्थितिकी तंत्र में भूमिका :
- चिंकारा फल, कद्दू और तरबूज खा कर उसके बीज के प्रसार में मदद करता है।
संरक्षण स्थिति :
- चिंकारा का शिकार उसकी त्वचा, मांस और सींगों के लिए किया जाता है।
- इसे राजस्थान के विश्नोई समुदाय के लोग पवित्र मानते हैं।
- इनके आवास के विखंडन एवं नष्ट होना तथा शिकार इनके अस्तित्व के लिए खतरा बन सकता है।
- अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) के जून 2016 के आकलन के अनुसार संकटग्रस्त प्रजातियों की “रेड डाटा सूची” / लाल सूची में इसे “संकटमुक्त (Least Concern या LC)” श्रेणी मे रखा गया है।
- चिंकारा को भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के सूची I के तहत संरक्षित किया गया है।
स्रोत :
