साधारण नाम : धूसर नेवला / Indian Gray Mongoose / Common Mongoose
वैज्ञानिक नाम : Herpestes edwardsii
भौगोलिक सीमा :
- अरब से नेपाल तक और पाकिस्तान, भारत और श्रीलंका में पाए जाते है।
- जहरीले सांप और चूहों को नियंत्रित करने के लिए उन्हें वेस्ट इंडीज, हवाई, जमैका, क्यूबा और प्यूर्टो रिको में लाया गया।
आवास :
- धूसर नेवला घने क्षेत्रों में, खेतों में तथा झाड़ीदार वनस्पतियों में पाए जाते हैं।
- वे खुले क्षेत्रों, घास के मैदानों, झाड़ियों तथा घर के आस पास भी पाए जाते हैं।
- मध्याह्न सूर्य से बचने के लिए जमीन में बने बिल में या खोखले पेड़ों में सोते हैं।
भौतिक विशेषताएं / पहचान :
- वजन - 0.9 - 1.7 किलोग्राम
- लंबाई - 36 - 45 सेंटीमीटर
- पुंछ की लंबाई - 35 सेंटीमीटर
- उनके 40 दांत होते हैं।
- इसके पंजों में 5 -5 उंगली होती हैं।
- नेवला का शरीर लंबा होता है तथा पैर छोटे होते हैं।
- इनके पास अत्यधिक विकसित गुदा गंध ग्रंथियां होती हैं।
- उनके फर मोटे और घने होते हैं।
- धूसर नेवला की पहचान उसके चनकदार-धूसर (silver-gray), काले और हल्के रंगों के साथ धब्बेदार फर और सफेद छोर वाले पूंछ से होती है।
- नेवले की खोपड़ी लंबी होती है जिसमे शिकार के लिए विशेष दाँत होते हैं।
धूसर नेवला / Indian Gray Mongoose (फोटो: विंध्य बचाओ)भोजन की आदत :
- भारतीय धूसर नेवला सर्वाहारी तथा अवसरवादी शिकारी होते हैं।
- मुख्य रूप से चूहों, छिपकलियों, सांपों और कीड़ों को अपना भोजन बनाते हैं।
- वे जमीन पर रहने वाले पक्षियों, उनके अंडों, साथ ही फलों, जामुन और जड़ों को भी खाते हैं।
- भारत में वे अंडों, लाल जंगली मुर्गी के चूजों, तथा तितर को अपना निवाला बनाते हैं।
प्रजनन :
- पुरुष अक्सर अन्य महिलाओं के साथ संभोग करते हैं। इससे पता चलता है कि उनकी संभोग प्रणाली बहुपत्नी है।
- जनन मई, जून तथा अक्टूबर से दिसंबर तक होता है, जिसमें एक मादा एक वर्ष में दो या तीन बार बच्चों को जन्म दे सकती है।
- बच्चे 6 से 9 महीने के होने पर परिपक्व होते हैं।
- प्रत्येक प्रजनन में 2 से 4 बच्चे जन्म लेते हैं।
जीवनकाल :
- औसत आयु 7 से 12 वर्ष
- अब तक ज्ञात सबसे अधिक 12.5 वर्ष तक रहा है।
व्यवहार :
- नेवला एकान्त शिकारी हैं जो दिन और रात दोनों समय सक्रिय रहता है।
- वे भोजन की खोज में क्षेत्र का तेजी से चलते हुए ही बारीक जांच करते हैं।
- यह प्रजाति सांपों से निपटने में अपनी कुशलता के लिए जानी जाती है।
- भारतीय धूसर नेवला बिच्छू को बार-बार उठा कर पटक कर मार डालता है।
- नेवला अंडों को भी उठा कर पटक कर ही फोड़ते हैं।
- उन्हें कभी-कभार ही पेड़ पर चढ़ते देखा जाता है।
- नेवला गंध फैला कर के संवाद करते हैं।
- नेवला खुद को शिकार होने से बचाने के लिए झाड़ियों, दरारों, बिल एवं नदी किनारे छिपता है।
पारिस्थितिकी तंत्र में भूमिका :
- नेवला अपने प्राकृतिक वास क्षेत्र में, अपने शिकार की आबादी को प्रभावित कर सकता है।
- नेवला अपने प्राकृतिक वास से बाहर उपयोगी जीवों का शिकार करते हैं इसलिए इन्हे कीट भी माना जाता है।
- कुछ क्षेत्रों में इसकी त्वचा के लिए या इसे पालने के लिए पकड़ा जाता है।
- नेवले का सांप से निपटने के क्षमता के कारण इसे कई देशों में ले जाया गया है।
संरक्षण स्थिति :
- अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) के मार्च 2015 के आकलन के अनुसार संकटग्रस्त प्रजातियों की “रेड डाटा सूची” / लाल सूची में धूसर नेवला “संकटमुक्त (Least Concern या LC)” श्रेणी मे रखा गया है।
- इसे भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अनुसूची II के तहत संरक्षित किया गया है।
- कुछ जनजातियाँ इसके मांस को खाती हैं, और बालों को सौभाग्य/शुभ संकेत का सूचक के रूप में उपयोग करते हैं और इसके बालों से अवैध रूप से चित्रकला में उपयोग वाला ब्रश बनाया जाता है।
- वन्यजीव संबंधित व्यापार के लिए सभी प्रजातियों की नेवले को पकड़ा जाता है।
स्रोत :
- http://animalia.bio/indian-gray-mongoose
- https://animaldiversity.org/accounts/Herpestes_edwardsi/
- https://www.iucnredlist.org/species/41611/45206787
